https://za.gl/ykZ57 सो हम क्या कहें ?क्या हम पाप करते रहे, की अनुग्रह बहुत हो ? 2 कदापि नहीं हम जब पाप के लिए मर गए तो फिर आगे को उसमें क्यों कर जीवन बिताएं , 3 क्या तुम नहीं जानते कि हम जितना ने मसीह यीशु को बपतिस्मा लिया तो उसकी मृत्यु का बपतिस्मा लिया, 4 शो उस मृत्यु का बपतिस्मा पाने से हम उसके साथ गाड़े गए ताकि जैसे मसीह पिता की महिमा के द्वारा मरे हमें से मरे हुए मैं से जिलाया गया वैसे ही हम ही नए जीवन की चाल चले अमीन रोमांस 6:1-4 PR. Surendra Bandhav

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