यादगार
सुरेन्द्र बान्धव
मेरे पिता श्री भोला राम बान्धव की संक्षिप्त जीवन शैली
सन् 1942 को ग्राम रामनगर करंजीया मे जन्म हुआ बचपन से ही सरल सभव के थे 3 भाई तथा 1 बहन थे मेरे पिता जी दुसरे न के है पूवज से ही खेती का काम किया करते थे मेरे पिता जी खेती का काम किया करते थे पर खीच झपट कर काम नहीं करता था
कम उम्र से ही कफी परेसानी सही है परिवार के लोगों ने कोई सहयोग नहीं दिया और इनके माता पिता पसंद भी कम करते थे ।
सादी हुई सादी के तुरंत 1 साल बाद अलग कर दिया गया 1 न पर 3 लडक़ी-लडक़ी थे बाद मे 2लडके हुये
परिवार कफी लम्बा हो गया काफी दिक्कत और परेसानी से परिवार को पला पोषा सभी बच्चो का सादी भी करी
मेरे पिता जी सुगर से ग्रस्त हो गया 7-8 साल ईलाज चली परहेज नहीं करते थे
अत: 2फरवरी 2018 सुबह 7:30 बजे ईस दुनिया से सदा के लिये चले गये
मेरे पिता श्री भोला राम बान्धव की संक्षिप्त जीवन शैली
सन् 1942 को ग्राम रामनगर करंजीया मे जन्म हुआ बचपन से ही सरल सभव के थे 3 भाई तथा 1 बहन थे मेरे पिता जी दुसरे न के है पूवज से ही खेती का काम किया करते थे मेरे पिता जी खेती का काम किया करते थे पर खीच झपट कर काम नहीं करता था
कम उम्र से ही कफी परेसानी सही है परिवार के लोगों ने कोई सहयोग नहीं दिया और इनके माता पिता पसंद भी कम करते थे ।
सादी हुई सादी के तुरंत 1 साल बाद अलग कर दिया गया 1 न पर 3 लडक़ी-लडक़ी थे बाद मे 2लडके हुये
परिवार कफी लम्बा हो गया काफी दिक्कत और परेसानी से परिवार को पला पोषा सभी बच्चो का सादी भी करी
मेरे पिता जी सुगर से ग्रस्त हो गया 7-8 साल ईलाज चली परहेज नहीं करते थे
अत: 2फरवरी 2018 सुबह 7:30 बजे ईस दुनिया से सदा के लिये चले गये
,☺️😢😢😢😢😢28 /02/2020/मैं अंशुओ के सांथ लिख रहा हु मुझे बहुत यात अति है
जब मेरे पिता जी इस दुनिया मे थे तो मैंने नही समझा आज समझ मे आता है 😢😢😢😢😢😢
https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=301410720686669&id=100024532314094( यह वेबसाइट बेहोश के बाद जीवित अवस्था में फेसबुक में डाला गया वीडियो है )

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